नई दिल्ली: दक्षिण भारत की प्रमुख एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनियों में से एक और ‘सिम्हाद्री टीएमटी’ (SIMHADRI TMT) ब्रांड की संचालक स्टील एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (SEIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (H1 FY27) की वित्तीय रिपोर्ट जारी की है। इस छमाही के दौरान कंपनी ने मासिक और तिमाही आधार पर अब तक का सर्वाधिक री-बार उत्पादन हासिल किया। इसके अलावा, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में दो स्तर का सुधार हुआ, कर्ज में उल्लेखनीय कमी आई, NMDC के साथ कच्चे माल की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए साझेदारी हुई और प्रमुख संस्थागत मंजूरियां प्राप्त हुईं।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही की प्रमुख उपलब्धियां
वित्तीय प्रदर्शन: दक्षिण भारत में ‘सिम्हाद्री टीएमटी’ ब्रांड के तहत टीएमटी री-बार की प्रमुख निर्माता स्टील एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत परिचालन प्रदर्शन किया। कंपनी के समेकित राजस्व में सालाना आधार पर लगभग 45 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
रिकॉर्ड उत्पादन—मासिक और तिमाही स्तर पर अब तक का सर्वाधिक उत्पादन: कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) में 69,617.424 मीट्रिक टन री-बार का अब तक का सर्वाधिक तिमाही उत्पादन हासिल किया। सितंबर 2026 में 25,095.035 मीट्रिक टन उत्पादन के साथ नया मासिक रिकॉर्ड बना, जिसने अगस्त 2026 में दर्ज 24,823.509 मीट्रिक टन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। नवनिर्मित रीहीटिंग फर्नेस (RHF) से कंपनी की मासिक री-बार उत्पादन क्षमता में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
क्रेडिट रेटिंग में दो स्तर का सुधार: इन्फोमेरिक्स (Infomerics) ने कंपनी की दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग को दो स्तर बढ़ाकर IVR BBB-/Stable से IVR BBB+/Stable कर दिया है। वहीं, अल्पकालिक रेटिंग IVR A3 से बढ़ाकर IVR A2 कर दी गई है। रेटिंग प्राप्त बैंक सुविधाओं की सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹359.63 करोड़ कर दी गई है, जिससे कुल रेटिंग प्राप्त राशि ₹558.19 करोड़ हो गई है। इन्फोमेरिक्स द्वारा कंपनी की रेटिंग में यह लगातार दूसरा सुधार है।
कर्ज में कमी—₹102 करोड़ का कर्ज चुकाया: कंपनी ने कुल कर्ज में ₹102 करोड़ की कमी की है। इसमें ₹43.19 करोड़ के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCDs) का भुगतान और सावधि ऋण का चरणबद्ध पूर्व भुगतान शामिल है। दिसंबर 2025 से अब तक कंपनी ने अपने दीर्घकालिक कर्ज का लगभग 30 प्रतिशत चुका दिया है। इसमें परिचालन से प्राप्त नकदी प्रवाह और स्विट्जरलैंड मुख्यालय वाले धातु एवं खनन समूह IMR Group से मुख्य रूप से प्राप्त रणनीतिक इक्विटी निवेश का योगदान रहा है।
NMDC के साथ समझौता ज्ञापन—कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित: कंपनी ने NMDC लिमिटेड के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत विशाखापत्तनम में NMDC के आगामी बफर स्टॉकपाइल एवं ब्लेंडिंग यार्ड से एकसमान गुणवत्ता वाले लौह अयस्क फाइन्स (Fe 61–63 प्रतिशत और उससे अधिक) की दीर्घकालिक आपूर्ति की जाएगी। समझौते की प्रारंभिक अवधि चार वर्ष है, जो भविष्य में दीर्घकालिक समझौतों का आधार तैयार करेगी।
संस्थागत मंजूरियां—सिम्हाद्री टीएमटी: कंपनी को ₹65,000 करोड़ की अमरावती राजधानी शहर परियोजनाओं में सिम्हाद्री टीएमटी के उपयोग के लिए आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (APCRDA) से मंजूरी मिली है। इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय के अधीन मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) से कंपनी की मंजूरी का पांच वर्ष के लिए नवीनीकरण किया गया है।







