नई दिल्ली: सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स ने आज घोषणा की कि आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में उसकी समर्पित एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी ने निर्माण चरण से आगे बढ़कर सक्रिय उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी ने महज आठ महीने के रिकॉर्ड समय में ग्राउंड-ब्रेकिंग से उत्पादन शुरू करने तक का सफर पूरा किया है।
फैसिलिटी में प्रिसीजन-मशीन्ड एयरोस्पेस कंपोनेंट्स की पहली खेप तैयार कर Sigma UK को भेज दी गई है, जहां ग्राहक को औपचारिक डिलीवरी से पहले इनकी अंतिम जांच की जा रही है। श्री सिटी यूनिट ने Rolls-Royce Aerospace के साथ सोर्स-चेंज अप्रूवल प्रक्रिया के शुरुआती चरण भी पूरे कर लिए हैं।
समर्पित एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को श्री सिटी में 5 लाख वर्ग फुट के बड़े कैंपस के तहत विकसित किया जा रहा है। महज आठ महीनों में करीब 75,000 वर्ग फुट क्षेत्र को परिचालन में लाया जा चुका है। यह पहली फैसिलिटी सालाना 1 लाख मशीनिंग घंटों की उत्पादन क्षमता उपलब्ध करा रही है, जिसे आगे बढ़ाकर करीब 3 लाख वार्षिक मशीनिंग घंटे करने का लक्ष्य है।
इस फैसिलिटी को भारत में Sigma UK की स्थापित एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को दोहराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। इसके तहत भारत में विनिर्माण क्षमताओं का क्रमिक विस्तार करते हुए उन्हें Sigma UK के परिचालन के साथ जोड़ा जाएगा। शेष कैंपस को अगले 12 महीनों में परिचालन में लाने की योजना है, जिससे अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और एयरोस्पेस के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं विकसित की जा सकेंगी।
इन सभी क्षमताओं के पूरी तरह परिचालन में आने के बाद लगभग 70% मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया भारत में किए जाने की उम्मीद है। यह फैसिलिटी भविष्य में होने वाले अधिग्रहणों को सपोर्ट करने के लिए आवश्यक क्षमताओं और पैमाने से लैस होगी।
Sigma Advanced Systems के Chief Executive Officer एवं Executive Director Sunil Kalidindi ने कहा, “श्री सिटी में यह फैसिलिटी Sigma के एक वैश्विक एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। महज आठ महीनों में हमने एक ग्रीनफील्ड फैसिलिटी को ग्राउंड-ब्रेकिंग से उत्पादन के स्तर तक पहुंचाया है और भारत में वैश्विक एयरोस्पेस कार्यक्रमों के लिए आवश्यक मानकों के अनुरूप एयरोस्पेस कंपोनेंट्स का निर्माण शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल भारत में मशीनिंग क्षमता बढ़ाना नहीं है, बल्कि ब्रिटेन में मौजूद अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को भारत में दोहराना और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन के बड़े हिस्से को क्रमिक रूप से भारत में लाना है। कंपोनेंट्स की पहली खेप तैयार हो चुकी है और सालाना 1 लाख मशीनिंग घंटे की क्षमता पहले से परिचालन में है, जिसे करीब 3 लाख मशीनिंग घंटे तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, फैसिलिटी को 5 लाख वर्ग फुट तक विस्तार योग्य बनाया गया है। श्री सिटी फैसिलिटी Sigma के वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी और EBITA में दोहरे अंकों की वृद्धि को गति देने की उम्मीद है।”
श्री सिटी का चयन तेजी से क्षमताओं के विकास और दीर्घकालिक मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की संभावनाओं के साथ-साथ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स गेटवे तक पहुंच को ध्यान में रखते हुए किया गया है। चार प्रमुख बंदरगाहों से इसकी कनेक्टिविटी फैसिलिटी के निर्यात-केंद्रित परिचालन के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधा उपलब्ध कराती है। Sigma कैंपस के भीतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए विशेष एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग कौशल भी विकसित करेगी।
अगले दो से तीन वर्षों में Sigma को उम्मीद है कि श्री सिटी यूनिट में 500 से अधिक लोग कार्यरत होंगे। इससे प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग, कॉम्प्लेक्स फैब्रिकेशन, स्पेशलाइज्ड वेल्डिंग, इंजीनियरिंग और एयरोस्पेस प्रोसेस क्षमताओं जैसे क्षेत्रों में विशेष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
श्री सिटी फैसिलिटी भारत और ब्रिटेन में मल्टी-साइट एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क स्थापित करने की Sigma की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत दोनों देशों में कंपनी के परिचालन के बीच पूरक क्षमताएं विकसित की जाएंगी।
Sigma की ब्रिटेन स्थित सहायक कंपनियों Nasmyth और Bromford के माध्यम से वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन में मजबूत उपस्थिति है। ये कंपनियां दुनिया के प्रमुख OEM ग्राहकों के लिए जटिल और उच्च-परिशुद्धता वाले मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रमों के तहत प्रिसीजन सॉल्यूशंस तैयार करती हैं।
उत्पादन शुरू होने के साथ ही Sigma श्री सिटी फैसिलिटी का विस्तार जारी रखेगी। कंपनी अतिरिक्त एयरोस्पेस-क्रिटिकल प्रक्रियाओं को चालू करने, NADCAP मान्यता की दिशा में आगे बढ़ने और भारत में की जाने वाली मैन्युफैक्चरिंग के अनुपात को बढ़ाने पर भी काम करेगी।






