नई दिल्ली: आने वाले वर्षों में भारत में विकास की संभावनाओं को पूरा करने के लिए देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड कई देशों में खनन के नए अवसरों की तलाश कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, एनएमडीसी ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, चिली और कुछ एशियाई देशों में तांबा, लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्वों की संभावनाएं तलाश रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी का उद्देश्य अपने खनिज कारोबार में विविधता लाना है। इसके साथ ही कंपनी ऑस्ट्रेलिया, भूटान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान और अन्य देशों में डोलोमाइट, चूना पत्थर, टंगस्टन और कोकिंग कोल ब्लॉकों की भी तलाश कर रही है।
भारत नीति से बातचीत में कंपनी के एक आंतरिक सूत्र ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र का यह उपक्रम अक्टूबर-दिसंबर की अवधि तक तोकिसुद नॉर्थ कोयला खदान में थर्मल कोयले का व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने जा रहा है। इसके अलावा, कंपनी अगले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2027-28) तक उत्पादन शुरू करने के लिए रोन कोकिंग कोल खदान का विकास करेगी।
एनएमडीसी की इन पहलों से भारत के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव क्षेत्रों को बढ़ावा मिल सकता है।







